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बार-बार छींक आने से रोकने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय || Home Remedies for Sneezing

 

बार-बार छींक आने से रोकने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय || Home Remedies for Sneezing



छींक सभी लोगों को आती है। अगर आपको एक या दो छींक आती है तो सामान्य बात मानी जाती है, लेकिन अगर छींक बार-बार आने लगे, या लगातार छींक आने लगे तो यह परेशानी बन जाती है। बार-बार छींक आने से व्यक्ति परेशान एवं चिड़चिड़ा हो जाता है। छींक के कारण कई लोगों को सिर में दर्द भी होने लगता है। अगर आप भी लगातार छींक आने से परेशान हैं तो छींक को रोकने का घरेलू उपचार कर सकते हैं।



आयुर्वेद के अनुसार, छींक आना कई बीमारियों के लक्षण भी हो सकते हैं। छींक द्वारा नाक व गले के अन्दर से दूषित पदार्थ बाहर निकलता है। यह शरीर को एलर्जी से बचाने की स्वभाविक प्रक्रिया है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति को बहुत जल्दी-जल्दी छींक आती है तो यह व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी को दर्शाता है। इसलिए आप छींक से जुड़ी सभी जानकारी जान लें, ताकि ऐसी परेशानी आने पर घरेलू उपचार कर अपने आप को स्वस्थ बना सकें।



छींक आना क्या है? (What is Sneezing in Hindi?)


नाक में म्यूकस झिल्ली होती है, जिसके उत्तक और कोशिकाएं बहुत संवेदनशील होते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार के बाहरी उत्तेजक वस्तु या तेज गन्ध के सम्पर्क में आने से छींक आती है। जब कोई बाहरी कण जैसे धूल आपकी नाक में घुस जाता है, तो नाक में गुदगुदी होती है, और मस्तिष्क के एक विशेष भाग में सन्देश जाता है। इसके बाद मस्तिष्क मांसपेशियों को बाहरी कण को बाहर निकालने का संदेश देती हैं। इससे छींक आती है। यह कण मुँह और नाक के दरवाजे से तेज रफ्तार से बाहर आते हैं।



छींक आने के कारण (Sneezing Causes)


छींक आने के ये कारण हो सकते हैं

धूल, धुँआ एवं तेज गन्ध के सम्पर्क में आने से नाक के भीतर की म्यूकस झिल्ली उत्तेजित हो जाती है, इससे छींक आती है।

प्रदूषण युक्त वातावरण में रहने से।

सर्दी या जुकाम होने पर छींक आती है, क्योंकि सर्दी-जुकाम होने पर नाक के अन्दर की म्यूकस झिल्ली में सूजन आ जाती है।

एलर्जी से ग्रस्त रोगियों में पराग कणों के सम्पर्क में आने की वजह से।

किसी दवा के रिएक्शन के कारण छींक की समस्या हो सकती है।



 छींक की समस्या के लक्षण (Sneezing Symptoms)


जब ऐसी अवस्था हो जाए तो छींक को बीमारी मान लेना चाहिएः-

आँखों का लाल होना।

नाक से लगातार पानी बहना।

नाक में खुजली होना।

सिर में दर्द एवं भारीपन

चिड़चिड़ापन

सूंघने की शक्ति का कम हो जाना।



छींक की परेशानी के लिए घरेलू उपचार (Home Remedies for Sneezing in Hindi)


आप इन उपायों से छींक की समस्या से निजात (sneezing remedy)पा सकते हैंः-



अदरक 

एक चम्मच अदरक का रस लें। इसमें आधा चम्मच गुड़ मिलाकर दिन में दो बार खाएँ। यह छींक की समस्या से राहत (sneezing remedy) दिलाता है।




दालचीनी 

एक गिलास गरम पानी में एक चम्मच शहद और आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर पिएँ। यह छींक से आराम (sneezing remedy) दिलाता है।

 हींग 

लगातार छींक आने पर थोड़ी-सी हींग लें। इसकी गंध को सूंघे। यह उपाय आपको बार-बार छींक आने की समस्या से राहत पहुंचाता है।





पुदीना 

उबलते हुए पानी में पुदीने के तेल की कुछ बूंदे डाल दें। इसका भाप लें। यह उपाय छींक की समस्या में बहुत फायदा पहुंचाता है।





अजवाइन 

एक गिलास पानी में एक चम्मच अजवाइन डालकर उबालें। गुनगुना होने पर छान लें। इसमें शहद मिलाकर पिएँ।

10 ग्राम अजवाइन और 40 ग्राम पुराने गुड़ को 450 मि.ली. पानी में उबालें। जब आधा पानी रह जाए, तो पानी को ठण्डा होने पर पी लें। इसके बाद हवारहित स्थान पर आराम करें।



हल्दी 

हल्दी में एलर्जी से राहत दिलाने की क्षमता होती है। भोजन में हल्दी का प्रयोग अवश्य करें। इसके साथ ही दूध में हल्दी डालकर पिएँ। छींक के इलाज हल्दी बहुत फायदेमंद तरीके से काम करते हैं।


 


मुलेठी 

मुलेठी के चूर्ण को पानी में उबालकर काढ़ा बना लें। इसका भाप लें। मुलेठी का प्रयोग छींक की परेशानी में लाभदायक साबित होती है।




यूकेलिप्टस

उबलते हुए पानी में यूकेलिप्टस के तेल की कुछ बूंदे डालकर भाप लें। इससे छींक आने और बंद नाक की समस्या में काफी आराम मिलता है।



नींबू 

एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद और आधा नींबू का रस मिलाकर पिएँ। यह उपाय लगातार छींक आने की समस्या में लाभ पहुंचाता है।




लहसुन 

लहसुन की 3-4 कली को पीसकर एक गिलास पानी में उबालें। इस पानी को छानकर गुनगुना करके दिन में दो बार पिएँ।



मेथी 

दो चम्मच मेथी के बीज को पीसकर पानी में उबालें। गुनगुना होने पर इसे पी लें। दिन में दो बार इसका सेवन करने से आराम मिलता है।




सौंफ

छींक रोकने के उपाय में से सौंफ चाय फायदेमंद  साबित हो सकता है।

एक कप पानी में एक चम्मच सौंफ डालकर उबालें, और गरम-गरम ही पिएँ।




सरसों के तेल का उपयोग 

सरसों का तेल नाक में 2-3 बूंद डालें। तेल को ऊपर की ओर खींचें। इससे छींक आनी बन्द हो जाती है। यह बहुत कारगर उपाय है।




संतरे का उपयोग 

रोज दिन के भोजन के बाद एक गिलास संतरे का जूस पिएँ। इससे छींक और जुकाम से राहत मिलती है। संतरे में विटामिन-सी होता है, जो रोगों से लड़ने में मदद करता है।




 पान के पत्ते का रस का उपयोग

लागातार छींक आने पर पान के पत्ते का रस निकालें। एक चम्मच की मात्रा में दिन में तीन बार पिएँ।





लैवेंडर का तेल का उपयोग

बार-बार छींक आने पर रूईं में 2-3 बूंद लैवेंडर का तेल लगाकर सूंघें। इससे छींक से राहत मिलती है।





कपूर का उपयोग

छींक को रोकने के लिए एक चावल के दाने के बराबर कपूर को बताशे, या चीनी के साथ खाएँ। खाने के बाद पानी पी लीजिए।






भाप का उपयोग

छींक को रोकने के लिए एक बर्तन में पानी लें, उसमें पिपरमिंट के तेल की कुछ बूँद डालें। इसके बाद कपड़े से अपने सिर ढककर साँस लें। इससे छींक आने की समस्या में आराम मिलता है।





इम्यूनिटी बढ़ाकर पाएं छींक की समस्या से आराम 

बार-बार छींक आने की समस्या आमतौर पर सर्दी-जुकाम होने पर ही होती है. अपनी इम्यूनिटी को बढाकर आप बार- बार होने वाले सर्दी-जुकाम से बच सकते है। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आप कई सारे घरेलू उपाय अपना सकते हैं जैसे कि तुलसी के काढ़े का सेवन, मौसमी फलों का सेवन आदि। इनके सेवन से सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है और छींक आने की समस्या दूर हो जाती है।





 गर्म पानी 

गर्म पानी का सेवन भी सर्दी-जुकाम की समस्या में आराम देता है। सर्दी-जुकाम होने पर नियमित रूप से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में गर्म पानी का सेवन करते रहें. गर्म पानी  कफ को जमने से रोकता है और इससे सर्दी के अन्य लक्षणों जैसे कि बार-बार छींक आना, बंद नाक आदि से आराम मिलता है।




यूकेलिप्टस के तेल 

यूकेलिप्टस का तेल सर्दी जुकाम की समस्या से आराम पाने का एक अचूक उपाय है। यूकेलिप्टस के तेल को किसी अन्य तेल के साथ मिलाकर मसाज करने में या फिर पानी की भाप में यूकेलिप्टस का तेल डाल कर भाप लेने से सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है। अगर आपको सर्दी-जुकाम की वजह से बार-बार छींकें आ रही हैं तो यूकेलिप्टस के तेल का उपयोग करें।




कैमोमाइल चाय का सेवन 

कैमोमाइल चाय का सेवन छींक आने (स्नीजिंग) की समस्या में फायदा पहुंचाता है क्योंकि कैमोमाइल चाय में एंटीएलर्जिक गुण पाया जाता है।  अगर छींक की समस्या किसी एलर्जी के कारण हो  वाली स्नीजिंग को रोकने में मदद करती है।


छींक से होने के दौरान या होने से बचने के लिए अपने खान-पान और जीवनशैली में थोड़ा बदलाव लाने पर इस परेशानी से कुछ हद तक बचा जा सकता है।

 

खान-पान 

छींक की समस्या के दौरान आपका खानपान ऐसा होना चाहिएः-

 

ताजे फल एवं सब्जियों का अधिक से अधिक प्रयोग करें।

मौसमी फलों का सेवन करें।


छींक की समस्या के दौरान आपकी जीवनशैली 

छींक की समस्या के दौरान आपकी जीवनशैली ऐसी होनी चाहिएः-

 

भोजन करने से पहले, और कहीं बाहर से आने पर सबसे पहले हाथों को अच्छी प्रकार धोएँ।

धूल एवं धुएँ वाले स्थानों पर मास्क लगाकर जाएँ।

सुबह नियमित रूप से प्राणायाम करें। विशेषकर अनुलोम-विलोम एवं कपालभाँति रोजाना आधा-आधा घण्टा करें। इससे एलर्जिक अवस्थाओं में विशेष लाभ मिलता है।


 छींक दौरान परहेज 


एलर्जी पैदा करने वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहें। इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन ना करें।

ठण्डे और जमे हुए खाद्य पदार्थ, बासी, रेफ्रिजरेटेड, पास्ता, मूंगफली आदि का सेवन बिल्कुल ना करें। यह एलर्जी कारक होते हैं।

ठण्डी और गर्म चीजों का एक साथ सेवन ना करें।

तीव्र गंध वाले परफ्यूम एवं सैनिटाइजर प्रयोग ना करें।

जंकफूड़ ना खाएं

बाहर की गर्मी वाले वातावरण से आकर एकदम से पंखे या ए.सी में नहीं बैठें। ठण्डे पानी से नहीं नहाना चाहिए।

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